A2Z सभी खबर सभी जिले की

पटना मेट्रो की पहली महिला लोको पायलट स्वाति मौर्य बनीं प्रेरणा की मिसाल, बिहार की बेटियों के लिए रचा इतिहास

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

पटना। बिहार की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यहां की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। पटना की स्वाति मौर्य ने राज्य की पहली महिला लोको पायलट बनकर न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गईं जो सपनों को सच करने की हिम्मत रखती हैं।

स्वाति मौर्य ने 6 अक्टूबर 2025 को पटना मेट्रो की पहली ट्रेन चलाकर नया अध्याय लिखा। कभी बैंकिंग की तैयारी करने वाली स्वाति ने जब अपने सपनों की दिशा बदली, तो उन्हें भी अंदाज़ा नहीं था कि एक दिन वे अपने ही जिले की पहली महिला मेट्रो पायलट बन जाएंगी।

बैंकिंग से मेट्रो तक का सफर
पटना साइंस कॉलेज से जूलॉजी ऑनर्स की पढ़ाई करने के बाद स्वाति ने शुरुआत में बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था। जब दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में भर्ती निकली, तो उन्होंने बैंकिंग की तैयारी छोड़कर मेट्रो परीक्षा देने का निर्णय लिया — और यहीं से उनकी नई यात्रा शुरू हुई।

दिल्ली मेट्रो से पटना मेट्रो तक
स्वाति का करियर 2011 में दिल्ली मेट्रो में कस्टमर रिलेशन असिस्टेंट (CRA) के रूप में शुरू हुआ। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने 2016 में वायलेट लाइन की स्टेशन कंट्रोलर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। फिर 2020 में उन्हें ट्रेन ऑपरेटर (लोको पायलट) के पद पर पदोन्नत किया गया, जहां उन्होंने 9 महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी की।

पूर्वाग्रहों को तोड़ा, आत्मविश्वास से जीती पहचान
स्वाति बताती हैं कि करियर की शुरुआत में उन्हें अक्सर लोगों के ताने सुनने पड़ते थे — “लड़की होकर इतनी बड़ी मशीन कैसे चलाएगी?”, “ट्रेन संभालेगी या एक्सीडेंट कर देगी?” — लेकिन उन्होंने हर आलोचना का जवाब अपने आत्मविश्वास और परिश्रम से दिया।
आज वही लोग स्वाति की सफलता पर गर्व महसूस करते हैं।

इतिहास रचने वाला दिन — 15 सितंबर 2025
15 सितंबर 2025 का दिन स्वाति के जीवन का स्वर्णिम अध्याय बन गया, जब उन्होंने पटना मेट्रो के उद्घाटन ट्रायल में ट्रेन चलाकर इतिहास रचा। यह पल न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बन गया।

परिवार और समाज के लिए प्रेरणा
स्वाति मौर्य कहती हैं, “अगर आपमें हिम्मत और जुनून है, तो कोई सपना असंभव नहीं। हर लड़की में वो ताकत है जो उसे अपने मुकाम तक पहुंचा सकती है।”
उनकी सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि बिहार और देश की बेटियों को यह संदेश दिया कि सपनों को पाने के लिए रास्ते खुद बनते हैं।

निष्कर्ष
स्वाति मौर्य की कहानी सिर्फ एक उपलब्धि की नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की कहानी है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई मंजिल दूर नहीं होती।
उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनकर हमेशा याद रखी जाएगी।

#PatnaMetro #WomenInLeadership #SwatiMaurya #Inspiration #BiharPride #WomenEmpowerment #Patna

Jitendra Maurya

Vande Bharat Live TV News Ghazipur Uttar Pradesh India
Back to top button
error: Content is protected !!